Enforcement Directorate Grills Nithyananda about Money Laundering
Even if you are a minority of one, the truth is the truth. Those were the golden words of Mahatma Gandhi! TRUTH is what this blog is about... truth about Nithyananda and his cult. Don't fall prey to his charming lies... before you learn more about his real intent from the ex-members of his cult. SATYAMEVA JAYATE (Let truth alone triumph!)
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Nithyananda rape case trial next date: 6 Sept. 2018
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UPDATES FROM COURTSSupreme Court DISMISSED ALL PETITIONS by Nithyananda and his Secretaries to Discharge them without a trial (June 2018) NITHYANANDA FOUNDATION GUILTY OF FRAUD - US COURT ORDERED RETURN OF DONATIONS 2012 17 Retaliatory/false Complaints filed so far against whistleblower Dharmananda (lenin) by Nithyananda Cult Members!!!!14 Retaliatory/false Complaints filed so far against victim Aarthi Rao by Nithyananda & his Cult Members!!!! (All of them after charge sheet against Nithyananda)4 cases filed in India against Nithyananda Dhyanapeetam for fraud:Donors of Hyderabad Ashram, Rajapalayam Ashram,Trichy ashram and Seeragapadi Ashram (near Salem) demand that fraudulently obtained donations be returnedNITHYANANDA SLEAZE CD GENUINE : CID & FSL REPORT Renowned Forensic Expert Padma Bhushan Prof. Dr. P. Chandra Sekharan states "video not morphed"Nithyananda dismissed from Madurai Adheenam (on 19th Oct 2012), Nithyananda is banned from entering Madurai Adheenam mutt |
Tuesday, September 29, 2015
Wednesday, May 20, 2015
It's now Gulabi Gang's turn to protest against Nithyananda
Several groups took to the streets of Varanasi on Monday to protest against a program conducted by Nithyananda, the self-styled godman accused of rape. Nithyananda is currently conducting a 21-day program called "Inner Awakening" the city.
The groups are demanding that he should not be allowed to conduct satsangs and other programs in the holy city. Among the groups that are protesting are Gulabi Gang (women’s activists who fight against injustice and atrocities against women), All India Student Association (AISA), students of Benaras Hindu University and Kashi Vidhyapeet, Progressive Writers Association, Lok Chetana organization and Nirmal India Party.
Various forms of protest could be seen in the city ranging from signature campaigns appealing to the Chief Minister and local authorities to stop Nithyananda’s programs in Varanasi to a Satyagraha march. Angry women protestors were also found attacking Nithyanada’s hoardings and flex posters with chappals and sticks.
The
Sub-Divisional Magistrate Tribuvan Vishwakarma has assured the
protestors that Nithyanada will be ordered to leave Varanasi within four
days.
Credits: The News Minute
Nithyananda Booted out of Varanasi: by Students and Women
வாரணாசியிலிருந்து வெளியேறினார் நித்யானந்தா: பெண்கள், மாணவர்கள் எதிர்ப்பால் ஓட்டம்
வாரணாசி: பிரபல சாமியார் நித்யானந்தாவின் வருகைக்கு எதிர்ப்பு தெரிவித்து, வாரணாசியில் பெண்கள் அமைப்பினர் மற்றும் மாணவர் அமைப்பினர் போராட்டத்தில் ஈடுபட்டனர். இதனால், நித்யானந்தா தன் ஆன்மிக நிகழ்ச்சிகளை பாதியில் ரத்து செய்து விட்டு, வாரணாசியை விட்டு வெளியேறினார். சர்ச்சைக்குரிய சாமியார் நித்யானந்தா, உ.பி., மாநிலம், வாரணாசியில், 21 நாள் நிகழ்ச்சி நடத்த திட்டமிட்டு, சில தினங்களுக்கு முன் அங்கு சென்றார். அவரின் ஆதரவாளர்கள், நகரின் முக்கிய பகுதிகளில், நித்தியின் படங்கள் அடங்கிய பிளக்ஸ் பேனர்களை வைத்து விளம்பரப்படுத்தினர். செக்ஸ் புகார் உட்பட, பல சர்ச்சைக்கு ஆளான நித்தியின் வருகையால், ஆத்திரமடைந்த மகளிர் அமைப்பினர், பனாரஸ் பல்கலைக்கழக மாணவர் அமைப்பினர் மற்றும் பல்வேறு அமைப்புகளை சேர்ந்தவர்கள் ஒன்றிணைந்து போராட்டத்தில் ஈடுபட்டனர். சாலைகளில் வைக்கப்பட்டிருந்த, நித்தியின் படத்திற்கு செருப்பு மாலை அணிவித்தும், பிளக்ஸ் பேனர்களை அடித்து நொறுக்கியும், தங்கள் எதிர்ப்பை வெளிப்படுத்தினர். 'புனித நகரமான வாரணாசியை விட்டு, நித்தி உடனடியாக வெளியேற வேண்டும்' என, மாவட்ட நிர்வாகத்திடம் கோரிக்கை விடுத்தனர்.போராட்டம் தீவிரம் அடைந்ததால், நான்கு நாட்களுக்குள், நித்யானந்தாவை வாரணாசியிலிருந்து வெளியேற்ற நடவடிக்கை எடுப்பதாக உதவி கலெக்டர் உறுதியளித்தார். இந்நிலையில், நித்யானந்தா, ஆன்மிக நிகழ்ச்சியை ரத்து செய்து விட்டு, தன் சீடர்களுடன் வாரணாசியை விட்டு நேற்று வெளியேறினார். அவர் எங்கு சென்றார் என்ற விவரம், எதுவும் தெரிவிக்கப்படவில்லை.
Credit: Dinamalar News
Saturday, May 16, 2015
Varanasi Women Protest against Sex Scandal Accused Nithyananda
सेक्स स्कैंडल के आरोपी नित्यानंद के खिलाफ सड़कों पर उतरी महिलाएं
हाथों में बैनर लेकर विरोध करते लोग।
वाराणसी. सेक्स स्कैंडल में फंस चुके महामंडलेश्वर स्वामी नित्यानंद ने कैंटोमेंट स्थित होटल में गुरुवार से 'कल्पतरू दर्शक' नाम से कार्यक्रम शुरू किया। सात से 27 मई तक चलने वाले इस कार्यक्रम का विरोध शुरू हो गया है। महिलाओं ने शास्त्री घाट के पास सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं, साझा संस्कृति मंच के लोगों ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर 'नित्यानंद मुर्दाबाद, नित्यानंद बाबा वापस जाओ और काशी की संस्कृति को बचाओ' जैसे नारे लगाए। सूचना पर वहां पहुंचे एसीएम ने उनका ज्ञापन लिया।
नित्यानंद के विरोध में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्टूडेंट्स भी आगे आ गए हैं। उनके कार्यक्रम के खिलाफ कैंपस में गुपचुप तरीके से सिग्नेचर कैंपेन चलाया जा रहा है। संस्था द्वारा सीएम और स्थानीय अधिकारियों को कार्यक्रम पर पाबंदी लगाने के लिए मेल पर सूचना दी गई है।
विरोध में उतरे लोग
साझा संस्कृति मंच के प्रमुख वल्लभ पांडेय ने बताया कि सात मई से 27 मई तक तथाकथित महामंडलेश्वर का कार्यक्रम हो रहा है। इसका प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। पूरे शहर में फ्लेक्स और बैनर टंगे हुए हैं। इसमें किसी स्थानीय संस्था, संगठन या व्यक्ति का नाम पता नहीं दिया गया है। ढोंगी संन्यासी पर पूर्व में यौनशोषण के आरोप लग चुके हैं और अनेक मामलों में विवादित भी रहा है। ऐसे पाखंडियों का काशी में विरोध और बहिष्कार जरूरी है।
धार्मिक कार्य नहीं करने दिया जाएगा
डॉ. आनंद तिवारी का कहना है सेक्स स्कैंडल में फंसे बाबा को बनारस में धार्मिक कार्य नहीं करने दिया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोग जल्द ही डीएम से मुलाकात करेंगे। आइसा की स्थानीय नेता शिखा ने बताया कि बुधवार को नित्यानंद के खिलाफ विद्यापीठ और बीएचयू में सिग्नेचर कैंपेन चलाया गया था। स्थानीय स्तर पर इसका विरोध भी शुरू हो गया है।
Source: Dainik Bhaskar
Thursday, May 14, 2015
सेक्स स्कैंडल में फंसे स्वामी नित्यानंद के खिलाफ गुलाबी गैंग ने किया प्रदर्शन
वाराणसी. सेक्स स्कैंडल में फंस चुके महामंडलेश्वर नित्यानंद बाबा के कार्यक्रम के विरोध में मंगलवार को गुलाबी गैंग की 100 महिलाएं हाथों में डंडा लेकर सड़कों पर उतर गईं। इस दौरान कार्यक्रम स्थल के बाहर उन्होंने लाठी-डंडा लेकर प्रदर्शन किया और वहां लगे होर्डिंग और पोस्टरों को चप्पल-डंडे से पीटकर गिरा दिया। सूचना मिलते ही भारी मात्रा में पहुंची फोर्स ने उन्हें रोक दिया। एससीएम त्रिभुवन विश्वकर्मा ने गुलाबी गैंग को आश्वासन दिया कि चार दिनों में बाबा का कार्यक्रम बंद करा दिया जाएगा।
महोबा और बांदा की रहने वाली गुलाबी गैंग से जुड़ी महिलाएं गैंग की राष्ट्रीय कमांडर सुमन सिंह चौहान के साथ गंगा स्नान और काशी दर्शन के लिए पहुंची थीं। इस दौरान उन्हें पता चला कि कैंटोमेंट स्थित एक होटल में लड़कियों और महिलाओं को तीन हजार रुपए में नित्यानंद स्वामी कल्पतरू दर्शन दे रहे हैं। इसके बाद कुछ महिलाएं बाबा का दर्शन करने होटल पहुंचीं तो उन्हें भगा दिया गया। इसके बाद 100 से ज्यादा महिलाएं हाथों में लाठी-डंडा लेकर होटल पहुंच गईं और प्रदर्शन करने लगीं।
काशी दर्शन करने पहुंची थी गैंग की महिलाएं
गुलाबी गैंग की राष्ट्रीय लीडर सुमन सिंह चौहान ने बताया कि वे सभी लोग काशी दर्शन के लिए आए थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि पूरे शहर में नित्यानंद बाबा के पोस्टर लगे हैं और वे सात से 27 मई तक कल्पतरू दर्शन दे रहे हैं। इसके बाद वह बुजुर्ग महिलाओं को लेकर बाबा से मिलने होटल पहुंचीं तो उन्हें भगा दिया गया। वहां 20-30 साल की लड़कियों और महिलाओं को तीन हजार रुपए में कमरे में ले जाया जा रहा है।
बाबा पर चल रहा है रेप केस
गुलाबी गैंग की सदस्य मुन्नी ने बताया कि नित्यानंद अपनी शिष्या तमिल एक्ट्रेस के साथ यौन संबंधों में फंसा है। उसका एसएमएस पूरी दुनिया देख चुकी है। उसके खिलाफ कर्नाटक में रेप का केस चल रहा है। उसकी सुनवाई दो जून 2015 को है। बाबा अपने को नपुंसक कहता है। उसे धार्मिक नगरी से भगाया जाए नहीं तो गुलाबी गैंग उसे धक्के मारकर काशी से बाहर कर देगी। काशी विश्वनाथ की नगरी में दुराचारी बाबा लोगों को बेवकूफ बना रहा है।
Source: Dainik Bhakar
Wednesday, May 13, 2015
Protests against Nithyananda in Varanasi - by Gulabi Gang women
- गुलाबी गैंग ने स्वामी नित्यानंद का किया विरोध, कहा नहीं होने देंगी ढोंगी का सत्संग
- गुलाबी गैंग ने स्वामी नित्यानंद का किया विरोध, कहा नहीं होने देंगी ढोंगी का सत्संग
शहर के सूर्या होटल में प्रवचन देने आए स्वामी नित्यानंद को 12 मई को "गुलाबी गैंग" के विरोध का सामना करना पड़ा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से आईं गुलाबी गैंग की महिलाओं ने काशी की लोक चेतना संस्था और निर्मल इण्डिया पार्टी के साथ शहर के मिंट हाउस से स्वामी के कार्यक्रम स्थल सूर्या होटल तक सत्याग्रह यात्रा निकाली। नित्यानंद के पोस्टर पर उन्होंने कालिख पोत रखी थी। उनका कहना था कि जो महिलाओं का सम्मान नहीं कर सकता और जिसके ऊपर बलात्कार का केस चल रहा हो वह धर्म की नगरी में सत्संग कैसे कर सकता है।
इस संबंध में लोकतांत्रिक जन संगठन गुलाबी गैंग की राष्ट्रीय कमांडर सुमन सिंह चौहान ने बताया, "हमने अखबारों में पढ़ा कि यहां काशी में एक ढोंगी बाबा आया हुआ है जो खुद को भगवान बताकर 3 हज़ार रूपये में लोगों को दर्शन दे रहा है। यह ढोंगी बाबा किशोरियों को फंसाकर बलात्कार करता है और इस पर बलात्कार का मुकदमा भी चल रहा है। ऐसे में हम धर्म नगरी काशी में इसका कोई कार्यक्रम नहीं होने देंगी।"
वहीं मौके पर पहुंचे एसडीएम त्रिभुवन विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि स्वामी नित्यानंद ने अपने ज्ञान प्रवाह के लिए 7 से 22 मई का समय प्रशासन से लिया है। हम 22 मई से पहले स्वामी नित्यानंद के खिलाफ कोई एक्शन नहीं से सकते।
गुलाबी गैंग महिला उत्पीड़न और महिलाओं पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ काम करता है। बांदा से गंगा स्नान करने आईं गुलाबी गैंग की महिलाओं ने गुलाबी छड़ी के साथ सूर्या होटल पर जमकर स्वामी नित्यानंद को अपशब्द कहे। बता दें कि नित्यानंद द्वारा अपने शिष्यों के साथ यौन शोषण करने के मामले का खुलासा हुआ था। उसके बाद दक्षिण भारतीय फिल्म अभिनेत्री के साथ सेक्स स्कैंडल में फंसे स्वामी के खिलाफ गुलाबी गैंग ने इसे आंदोलन के तौर पर लिया था।
Source: DNA Varanasi
Nithyananda Posters Beaten with Chappals by Varanasi Women
नित्यानंद बाबा के पोस्टर को महिलाओं ने चप्पलों से पीटा
— May 12, 2015
gulabi gang women protest and attacks on baba nityananda poster and hoardings in varanasi
वाराणसी। सेक्स सकैंडल में फंसे महामंडलेश्वर नित्यानंद बाबा के विरोध में मंगलवार को अचानक महिलाएं सड़क पर उतर आईं। चर्चित गुलाबी गैंग के बैनर तले दर्जनों महिलाए कैंटोमेंट एरिया में एक होटल के बाहर जमा हो गईं। इसी होटल में बाबा का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
हाथों में डंडा थामें कई महिलाओं ने वहां लगे बाबा के होर्डिंगस और पोस्टरों पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते वहां लगे बाबा के पोस्टरों और होर्डिंग पर चप्पलों की बौछार शुरू कर दी। मौके पर अफरातफरी के हालात बन गए। सूचना मिलते ही एसीएम तृतीय त्रिभुवन शर्मा मौके पर पहुंचे।
शर्मा ने महिलाओं बातचीत की तथा उन्हें समझाया। उन्होंने महिलाओं को आश्वासन दिया कि चार दिन के भीतर बाबा का कार्यक्रम बंद करा दिया जाएगा। मालूम हो कि इससे पूर्व महोबा और बांदा जनपद से गुलाबी गैंग से जुड़ी महिलाएं राष्ट्रीय कमांडर सुमन सिंह चौहान के साथ गंगा स्नान और काशी दर्शन के लिए पहुंची थीं।
इस दौरान उन्हें पता चला कि कैंटोमेंट स्थित एक होटल में लड़कियों और महिलाओं को तीन हजार रुपए में नित्यानंद स्वामी कल्पतरू दर्शन दे रहे हैं। इसके बाद कुछ महिलाएं बाबा का दर्शन करने होटल पहुंचीं तो उन्हें भगा दिया गया।
यह सूचना पाते ही वहा गुलाबी गैंग की सदस्य वहा पुहंच गई और वहां लगे बाबा के होर्डिंग और पोस्टरों को चप्पल-डंडे से पीटकर गिरा दिया। इस दौरान गुलाबी गैंग की कार्रवाई देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही।
गुलाबी गैंग की सदस्य मुन्नी देवी का कहना है कि नित्यानंद अपनी शिष्या तमिल अभिनेत्री के साथ यौन संबंधों में फंसा है। उसका एसएमएस सारी दुनिया देख चुकी है। कर्नाटक में भी उसके खिलाफ रेप केस चल रहा है। आने वाले 2 जून को केस की सुनवाई है। खुद को बाबा नपुंसक बताता है, ऐसे बाबा को धार्मिक नगरी से प्रशासन ने नहीं निकाला तो गुलाबी गैंग उसे काशी से बाहर कर देगी। ये दुराचाी बाबा लोगों को मुर्ख बना रहा है।
Source: Sabguru
Friday, May 8, 2015
Protests in Varanasi Against Nithyananda's 20-day Program
नित्यानंद के 20 दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का शहर में विरोध
Varanasi:
यौन शोषण के आरोपी तथाकथित महामंडलेश्वर नित्यानंद का 20 दिवसीय प्रवचन कार्यक्रम गुरुवार से शहर के होटल में शुरू हो रहा है जिसके विरोध में शहर के कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आम लोगों के साथ मिलकर सामाजिक संस्था ‘सांझा संस्कृति मंच’ के तत्वाधान में वाराणसी के वरुणा पुल स्थित शास्त्री घाट पर एक सभा की।
सभा में सांझा संस्कृति मंच के संयोजक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा, 'ऐसे कुंठित और कुख्यात लोगों द्वारा संतों की गरिमा और प्रतिष्ठा धूमिल की जा रही है। काशी में यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस व्यक्ति पर महिलाओं का यौन शोषण करने के आरोप लगे हुए हैं और इसे अन्य मामलों में भी लिप्त पाया गया है। ऐसे समाज विरोधी तत्वों द्वारा धार्मिक और सांकृतिक नगरी काशी में प्रवचन कार्यक्रम किया जाना यहां की गरिमा के विरूद्ध है।'
इस अवसर पर समाज सेवी डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा, 'सांस्कृतिक और धार्मिक नगरी काशी में इतने लंबे समय के लिए कार्यक्रम का आयोजन कथित सन्यासी द्वारा अपने कुकर्मों पर पर्दा डालने और काशी से मान्यता लेने का एक कुत्सित प्रयास है जिसका काशी में विरोध आवश्यक है। धन के बल पर आयोजित किए जाने वाले इस तरह के कार्यक्रमों से संत समाज और विभिन्न धर्माचार्यों की भी गरिमा प्रभावित होती है। इस कार्यक्रम का काशी की जनता पुरज़ोर विरोध करेगी, अगर प्रशासन से सहयोग नहीं मिलता, तो हमें सीधी कार्यवाही के लिए बाध्य होना पड़ेगा।'
सभा के बाद उपस्थित लोगों ने एक सांकेतिक विरोध मार्च भी निकाला जो शास्त्री घाट से जिला मुख्यालय तक पहुंचा। इसके बाद जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन अपर नगर मजिस्ट्रेट (द्वितीय) को सौंपा गया जिसके माध्यम से प्रशासन से मांग की गई कि काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक गरिमा के विपरीत आयोजित हो रहे उक्त कार्यक्रम पर तत्काल रोक लगे। साथ ही शहर भर में लगाए गए पोस्टर, बैनर, फ्लेक्स पूरी तरह से हटाए जाएं।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी, राम जनम भाई, दिलीप कुमार दिली, गिरसंत यादव, किरण गुप्ता, प्रदीप सिंह, राजेश श्रीवास्तव, विवेकानंद, कमलेश यादव, आकांक्षा सिंह, गीता, निर्मला, विकास, ऊषा देवी, किमी वर्मा, उर्मिला दुबे, कमलेश चौहान, धीरज मौर्या, राजकुमार पटेल आदि शामिल रहे।
Source: DNA Varanasi
Monday, April 20, 2015
Nithyananda Ashram Sangeetha death - Pressmeet by mother Jansi
In Nithyananda's Bidadi ashram a 24 year old sanyasi Sangeetha suddenly
died mysteriously on 28/12/2014. Sangeetha's mother Smt Jansi Rani has
alleged that Sangeetha has been murdered, she could not have died a
natural death, because she was tortured by Nithyananda and his ashram
people after she had discovered some dark secrets.
Smt. Jansi has raised several questions in her latest press meet about the extremely slow progress in investigations. She also questioned whether Rajarajeshwari Hospital (which did the 1st post mortem on Sangeetha) has intentionally removed some vital internal organs to cover up for Nithyananda?
She had stated earlier that her daughter Sangeetha was a healthy young woman, and she did not suffer from any heart problems, there was no family history of heart problems. Jansi stated that Nithyananda ashram stories about Sangeetha dying due to heart attack was absolute nonsense.
Jansi demands a truthful investigation into Sangeetha's death and appeals to transfer the investigation to the CBI or CID if the Ramnagar police cannot investigate free from Nithyananda's influence. Smt Jansi Rani demanded justice for her daughter Sangeetha's death and appealed that she did not want any other person to die in the ashram like her daughter Sangeetha.
Smt. Jansi has raised several questions in her latest press meet about the extremely slow progress in investigations. She also questioned whether Rajarajeshwari Hospital (which did the 1st post mortem on Sangeetha) has intentionally removed some vital internal organs to cover up for Nithyananda?
She had stated earlier that her daughter Sangeetha was a healthy young woman, and she did not suffer from any heart problems, there was no family history of heart problems. Jansi stated that Nithyananda ashram stories about Sangeetha dying due to heart attack was absolute nonsense.
Jansi demands a truthful investigation into Sangeetha's death and appeals to transfer the investigation to the CBI or CID if the Ramnagar police cannot investigate free from Nithyananda's influence. Smt Jansi Rani demanded justice for her daughter Sangeetha's death and appealed that she did not want any other person to die in the ashram like her daughter Sangeetha.
Sunday, April 19, 2015
நித்தி ஆசிரமத்தில் இறந்த பெண் உடலில் முக்கிய உறுப்புகள் இல்லை: சங்கீதாவின் உறவினர்கள் போலீசில் புகார் செய்ய முடிவு
பெங்களூரு, நித்தியானந்தா ஆசிரமத்தில் மர்மமான முறையில் இறந்த, திருச்சியை சேர்ந்த சங்கீதாவின் உடலை, மறு பிரேத பரிசோதனை செய்த போது, எதனால் மரணம் ஏற்பட்டது என்பதை கண்டறிவதற்கான உடல் உறுப்புகள் இல்லை என்ற, பகீர் தகவல் வெளியாகி உள்ளது.
மர்ம மரணம்:
திருச்சி மாவட்டம், நவலூர் குட்டப்பட்டு பகுதியை சேர்ந்த அர்ஜுனன் - ஜான்சிராணி தம்பதியின் மகள் சங்கீதா, 24. இவர், திருச்சியில், பி.சி.ஏ., படித்து முடித்ததும், பெங்களூரில் உள்ள, நித்தியானந்தா ஆசிரமத்தில் சேர்ந்து, துறவியானார். இந்நிலையில், கடந்த ஆண்டு டிசம்பர், 28ம் தேதி சங்கீதா, பெங்களூரு ஆசிரமத்தில் மர்மமான முறையில் இறந்தார். பெங்களூரு மருத்துவமனை யில் வைக்கப்பட்டிருந்த, சங்கீதாவின் உடல், திருச்சிக்கு கொண்டு வரப்பட்டு, அடக்கம் செய்யப்பட்டது. கடந்த ஜனவரி, 3ம் தேதி, சங்கீதா சாவில் மர்மம் இருப்பதாகவும், போலீசார் விசாரித்து உண்மையை கண்டுபிடிக்க வேண்டும் என்றும், அவரது தாய் ஜான்சிராணி, பெங்களூரு ராமன்ன ஹாரா சப்-டிவிஷன் டி.எஸ்.பி., லட்சுமியிடம் புகார் கொடுத்தார்.
பிரேத பரிசோதனை:
கடந்த ஜனவரி, 6ம் தேதி காலை, ஸ்ரீரங்கம் தாசில்தார் காதர் மொய்தீன், பெங்களூரு பிடதி போலீஸ் ஸ்டேஷன் எஸ்.ஐ., லோகித் ஆகியோரின் முன்னிலையில், நவலூர் குட்டப்பட்டு மயானத்தில் புதைக்கப்பட்ட, சங்கீதாவின் உடலை, தோண்டி எடுத்து, திருச்சி அரசு மருத்துவமனை டாக்டர்கள் மறு பிரேத பரிசோதனை செய்தனர். பிரேத பரிசோதனையின் போது, சங்கீதாவின் உடலில் இருந்து எடுக்கப்பட்ட உறுப்புகள் ரசாயன பரிசோதனைக்காக, சென்னைக்கு அனுப்பி வைக்கப்பட்டது. இந்நிலையில், 25ம் தேதி, பெங்களூரு பிடதி போலீஸ் எஸ்.ஐ., லோகித், திருச்சி அரசு மருத்துவமனைக்கு வந்து, சங்கீதாவின் மறு பிரேத பரிசோதனை அறிக்கையை பெற்றுச் சென்றார். இந்நிலையில், எதனால் மரணம் ஏற்பட்டது என்பதை கண்டறிவதற்கான உடல் உறுப்புகள் இல்லை என்ற, பகீர் தகவல் வெளியாகி உள்ளது.
அறிக்கை தாக்கல்:
இதுகுறித்து சங்கீதாவின் உறவினர்கள் கூறியதாவது: இறந்தவர் உடலை பிரேத பரிசோதனை செய்யும்போது, மூளையில் ஒரு பகுதி, ஒரு கிட்னி உள்ளிட்ட ஆறு உறுப்புகளை எடுத்து, ஆய்வுக்கூடத்திற்கு அனுப்புவர். சங்கீதா உடலை, இரண்டாவது முறை பிரேத பரிசோதனை செய்தபோது, மூளையும், இரண்டு கிட்னியும் இல்லை. இருப்பினும், அவரது உடலில் இருந்து எடுக்கப்பட்ட உறுப்புகள், பெங்களூரு ஆய்வுக் கூடத்துக்கு அனுப்பி, அறிக்கை தாக்கல் செய்துள்ளதாக தெரிகிறது. திருச்சியில் நடந்த மறு பிரேத பரிசோதனை, வீடியோவில் முழுமையாக பதிவு செய்யப்பட்டுள்ளது. எனவே, எதனால் மரணம் ஏற்பட்டது என்பதை கண்டுபிடிக்க முடியாதபடி, உடல் உறுப்புகளை எடுத்த, பெங்களூரு மருத்துவமனை டாக்டர்களிடம் விசாரணை நடத்த வேண்டும் என்று போலீசில் புகார் கொடுப்போம். இவ்வாறு, அவர்கள் கூறினர். சங்கீதா மர்ம மரணம் விவகாரம், மீண்டும் சூடு பிடித்துள்ளது.
http://www.dinamalar.com/news_detail.asp?id=1217377&Print=1
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http://www.thenewsminute.com/karnatakas/508
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Nithyananda ashram death - mother alleges torture, unnatural death
The News Minute | January 4, 2014 | 11.27 am IST
The parents of a girl who died in Nithyananda Dhyanapeetam ashram in Bidadi on the outskirts of Bengaluru, have said they suspected foul play in death of their daughter.
Sangeetha Arjunan (24) died on the ashram premises on December 28 and the ashram officials claimed she died of a heart attack. Her parents however, have said that Sangeetha did not have any heart condition and that they suspected foul play.
The girl hails from Tiruchi in Tamil Nadu and her parents had initially approached the police there. They have since met with the Ramnagara district Superintendent, under whose jurisdiction Bidadai falls.
In her complaint to the Ramnagara police, the girl’s mother Jansi Rani has said that they suspected that Sangeetha’s death was unnatural as she did not suffer from any heart ailment, and also said that Sangeetha’s and her own signatures had been taken on blank papers.
In her complaint Jansi Rani also spoke about alleged assaults and beatings her daughter suffered at the ashram at the hands of some of the people there. She said that in mid 2013, her daughter called her up from the ashram: “After reaching home, she showed me her legs, she had been beaten very badly below her waist & on her legs. I was shocked to see several bruises and injury marks.”
She also said that the ashram officials had tried to restrict her movement on several occasion and that one person “locked up all of Sangeetha’s certificates in a cupboard and when she wanted to leave, he refused to return them to her. Another boy called Saravanan from Thanjavur tried to help sangeetha by breaking open the cupboard and getting the certificates for her. But just because he helped her, Hamsanada and other ashramites punished him also. They beat him up badly and locked him up in a room for a few days. Finally his family and relatives went to Bidadi, got him released & took him away from ashram.”
She further said: “After I left Sangeetha in the ashram, I went 3 times within 2 month to see her and to tell her to come home, but they didn’t let me meet her alone. I was only allowed to meet her along with other sanyasis in the ashram, and they kept telling me she has not finished her work, she can leave after finishing all the work assigned to her. The 3rd time when I went, they brought her to meet me, but she was in a terrible condition, she could not even walk a single step. I could not bear to watch the sight. Some 30 ashram people came with her, maybe they wanted to make sure she will not tell me anything.”
“They told me promise on Kalabairava that I or any of my relatives will not give any report against Swami Nithyananda to anyone. I promised."
“(sangeetha called from ashram) She said, if I continue to say wrong things about swami - they were telling her to say this – then she will file case against me! I said okay, go ahead file a case against me. Immediately after I said that, they cut the phone line. That was the last time I talked to Sangeetha. After that they did not even let me talk one word to her.”
Jansi also alleged that certain people had asked her to sign blank papers if she wanted her daughter’s body back, and that she could not read either Kannada or English.
http://www.thenewsminute.com/karnatakas/508
Thursday, April 16, 2015
Tuesday, March 3, 2015
My Life Under Threat Because of Swami Nithyananda – Madurai Adheenam @ Madurai Court
நித்யானந்தாவால் எனது உயிருக்கு ஆபத்து: மதுரை ஆதீனம் கோர்ட்டில் மனு தாக்கல்
மதுரை, மார்ச்.3-
மதுரை ஆதீனத்தின் இளைய மடாதிபதியாக கடந்த 2012-ம் ஆண்டு நித்யானந்தா நியமிக்கப்பட்டார். இதை எதிர்த்து சென்னையை சேர்ந்த மணிவாசகம், கும்பகோணம் தியாகராஜன் ஆகியோர் மதுரை 1-வது கூடுதல் செசன்சு கோர்ட்டில் வழக்கு தொடர்ந்தனர். இந்த வழக்கை தள்ளுபடி செய்ய வேண்டும் என்று மதுரை ஆதீனம் (அருணகிரிநாதர்), நித்யானந்தா ஆகியோர் சார்பில் மனுத்தாக்கல் செய்யப்பட்டது.
இந்த வழக்குகள் நிலுவையில் இருந்தபோது மதுரை ஆதீனத்தின் இளைய மடாதிபதி பதவியில் இருந்து நித்யானந்தாவை நீக்கி விட்டதாக மதுரை ஆதீனம் அறிவித்தார். மேலும் இதுதொடர்பான வழக்கை தொடர தனக்கு விருப்பம் இல்லை என்றும் அவர் கோர்ட்டில் தெரிவித்தார். இந்த வழக்கின் விசாரணையின் போது நித்யானந்தா தன்னை மதுரை ஆதீனமடத்தின் 293-வது மடாதிபதியாக குறிப்பிட்டு ஒரு மனுவை தாக்கல் செய்தார்.
அதில், ‘‘எனக்கும், அருணகிரிநாதருக்கும் இடையே கருத்து வேறுபாடு ஏற்பட்டதால், இருவரும் தனித்தனியாக வழக்கை சந்தித்து வருகிறோம். வழக்கில் நான் பாதிக்கப்பட்டவன். எனவே வழக்கை தொடர்ந்து நடத்த விரும்புகிறேன். எனவே இந்த வழக்கில் அருணகிரிநாதரை 3-வது எதிர்மனுதாரராக சேர்த்து, வழக்கை தொடர்ந்து நடத்த அனுமதிக்க வேண்டும்’’ என்று கூறியிருந்தார்.
இந்த வழக்கின் விசாரணை நீதிபதி இளவழகன் முன்னிலையில் நேற்று விசாரணைக்கு வந்தது. அப்போது, மதுரை ஆதீனம் அருணகிரிநாதர் சார்பில் தாக்கல் செய்யப்பட்ட பதில் மனுவில் கூறியிருப்பதாவது:-
தம்பிரானாக பணிபுரிபவரின் அடுத்த பதவி தான் இளைய ஆதீனம். தம்பிரானை இளைய ஆதீனமாக உயர்த்த பல்வேறு நடைமுறைகள் உள்ளன. நித்யானந்தா தம்பிரான் அல்ல. அவர் மதுரை ஆதீனத்தின் பக்தர் அல்ல. நித்யானந்தா என்னிடம் ஆசி பெறவும், திருஞானசம்பந்தர் பற்றி தெரிந்து கொள்ளவும் தான் மடத்துக்கு வந்தார்.
பிடதி ஆசிரமத்தின் தலைமைப் பொறுப்பில் இருந்து கொண்டே, மதுரை ஆதீன மடத்தில் பக்தராக இருக்க வேண்டும் என்று நித்யானந்தா நினைத்தார். ஒருவர் இரு வேறு தத்துவங்களை கொண்ட மடத்தின் சீடராக இருக்க முடியாது என அறிவுறுத்தினேன். ஆனால் நித்யானந்தா படிப்படியாக சைவ சித்தாந்தத்திற்கு மாறுவதாகவும், படிப்படியாக தியான பீடத்திலிருந்து வெளியேறுவதாகவும் கூறினார்.
அதன்படி அவர், மடத்தில் எனது கண்காணிப்பில் இருந்தார். இங்கு தங்கியிருந்த சில நாட்களில் பாரம்பரியமான மதுரை ஆதீனத்தின் பெயரை கெடுக்க முயன்றார். ஆதீன தத்துவத்துக்கு எதிராக செயல்பட்டார்.
இயற்கைக்கு மாறான நடவடிக்கைகளில் ஈடுபட்டார். மடத்தில் தங்காதது, ஆதீனத்தின் அனுமதியின்றி வெளியே சென்றது, தலையை மொட்டையடிக்காதது போன்ற காரியங்களை உற்று கவனித்து வந்தேன். அவரது நடவடிக்கைகள் ஆதீனத்திற்கு இணையாகவும், அதைவிட மேலானதாகவும் இருந்தன.
ஆதீனத்திற்கு இணையாக உட்கார்ந்தார். அவர் தன்னை கடவுளாக கூறிக்கொண்டு மடத்தில் பூஜைகள் நடைபெறுவதை வெறுத்தார். தன்னைத்தானே 293-வது ஆதீனமாக அறிவிக்கத் தொடங்கினார். இந்த சூழலில் நித்யானந்தா மீது பல்வேறு பாலியல் வழக்குகள் இருப்பது தெரியவந்தது. நித்யானந்தாவின் ஒழுக்கமற்ற, சட்ட விரோத காரியங்களை பார்த்த பின்னர் கண்காணிப்பிலிருந்து என்னை விலக்கிக்கொண்டேன்.
பின்னர் கடந்த 19-10-2012 அன்று அவரை மடத்திலிருந்து வெளியேற்றினேன். அவர் மடத்தில் தங்கி இருந்த குறைவான நாட்களிலேயே ஆதீனத்தின் பெயரை பயன்படுத்தி பல குற்றச்செயல்களில் ஈடுபட்டார், ஆதீனத்தின் கையெழுத்தை போலியாக போட்டார். அடுத்த மடாதிபதியாக நியமனம் செய்யப்பட்டதாக போலி ஆவணங்களை தயாரித்தார்.
தவறான எண்ணத்துடன் அறக்கட்டளை ஆவணம் ஒன்றையும் உருவாக்கி கையெழுத்து வாங்கினார். நித்யானந்தாவை குருட்டுத் தனமாக நம்பிவிட்டேன். ஆவணங்களில் திருட்டுத்தனமாகவும், சட்டவிரோதமாகவும் மோசடி செய்து நித்யானந்தா என்னிடம் கையெழுத்து வாங்கினார். அந்த ஆவணங்கள் ஆதீனத்தை கட்டுப்படுத்தாது.
அவர் மதுரை ஆதீன மடத்தின் பெருமையை சீரழிக்கும் முயற்சிகளில் ஈடுபட்டுள்ளார். நித்யானந்தா ஒரு மாதம் கூட மடத்தில் தங்கவில்லை. சமய சடங்குகளை செய்யவில்லை. தீட்சையும் பெறவில்லை. தன்னை மதுரை ஆதீன மடத்தின் அடுத்த மடாதிபதியாக அவர் அறிவித்தது செல்லாது. அவர் பலனடையும் விதத்தில் கோர்ட்டு உத்தரவிடக் கூடாது.
அறக்கட்டளை ஒப்பந்தத்தில் நித்யானந்தாவின் ஆட்கள் மிரட்டி கையெழுத்து பெற்றனர். எனவே நித்யானந்தாவை கோர்ட்டு தண்டிக்க வேண்டும். எனது உயிருக்கு நித்யானந்தாவால் ஆபத்து உள்ளது. இது குறித்து போலீசில் புகார் அளித்துள்ளேன். அந்த விசாரணை நிலுவையில் உள்ளது. நித்யானந்தாவும் இளைய ஆதீனமாக இல்லை என அவரது இணையதளத்தில் தெரிவித்துள்ளார்.
எனவே, இந்த வழக்கை விசாரிக்கத் தேவையில்லை. தள்ளுபடி செய்ய வேண்டும்.
இவ்வாறு மதுரை ஆதீனம் குறிப்பிட்டுள்ளார்.
இதையடுத்து மனு மீதான விசாரணையை அடுத்த மாதம் (ஏப்ரல்) 1-ந்தேதிக்கு தள்ளிவைத்து நீதிபதி உத்தரவிட்டுள்ளார்.
மதுரை ஆதீனத்தின் இளைய மடாதிபதியாக கடந்த 2012-ம் ஆண்டு நித்யானந்தா நியமிக்கப்பட்டார். இதை எதிர்த்து சென்னையை சேர்ந்த மணிவாசகம், கும்பகோணம் தியாகராஜன் ஆகியோர் மதுரை 1-வது கூடுதல் செசன்சு கோர்ட்டில் வழக்கு தொடர்ந்தனர். இந்த வழக்கை தள்ளுபடி செய்ய வேண்டும் என்று மதுரை ஆதீனம் (அருணகிரிநாதர்), நித்யானந்தா ஆகியோர் சார்பில் மனுத்தாக்கல் செய்யப்பட்டது.
இந்த வழக்குகள் நிலுவையில் இருந்தபோது மதுரை ஆதீனத்தின் இளைய மடாதிபதி பதவியில் இருந்து நித்யானந்தாவை நீக்கி விட்டதாக மதுரை ஆதீனம் அறிவித்தார். மேலும் இதுதொடர்பான வழக்கை தொடர தனக்கு விருப்பம் இல்லை என்றும் அவர் கோர்ட்டில் தெரிவித்தார். இந்த வழக்கின் விசாரணையின் போது நித்யானந்தா தன்னை மதுரை ஆதீனமடத்தின் 293-வது மடாதிபதியாக குறிப்பிட்டு ஒரு மனுவை தாக்கல் செய்தார்.
அதில், ‘‘எனக்கும், அருணகிரிநாதருக்கும் இடையே கருத்து வேறுபாடு ஏற்பட்டதால், இருவரும் தனித்தனியாக வழக்கை சந்தித்து வருகிறோம். வழக்கில் நான் பாதிக்கப்பட்டவன். எனவே வழக்கை தொடர்ந்து நடத்த விரும்புகிறேன். எனவே இந்த வழக்கில் அருணகிரிநாதரை 3-வது எதிர்மனுதாரராக சேர்த்து, வழக்கை தொடர்ந்து நடத்த அனுமதிக்க வேண்டும்’’ என்று கூறியிருந்தார்.
இந்த வழக்கின் விசாரணை நீதிபதி இளவழகன் முன்னிலையில் நேற்று விசாரணைக்கு வந்தது. அப்போது, மதுரை ஆதீனம் அருணகிரிநாதர் சார்பில் தாக்கல் செய்யப்பட்ட பதில் மனுவில் கூறியிருப்பதாவது:-
தம்பிரானாக பணிபுரிபவரின் அடுத்த பதவி தான் இளைய ஆதீனம். தம்பிரானை இளைய ஆதீனமாக உயர்த்த பல்வேறு நடைமுறைகள் உள்ளன. நித்யானந்தா தம்பிரான் அல்ல. அவர் மதுரை ஆதீனத்தின் பக்தர் அல்ல. நித்யானந்தா என்னிடம் ஆசி பெறவும், திருஞானசம்பந்தர் பற்றி தெரிந்து கொள்ளவும் தான் மடத்துக்கு வந்தார்.
பிடதி ஆசிரமத்தின் தலைமைப் பொறுப்பில் இருந்து கொண்டே, மதுரை ஆதீன மடத்தில் பக்தராக இருக்க வேண்டும் என்று நித்யானந்தா நினைத்தார். ஒருவர் இரு வேறு தத்துவங்களை கொண்ட மடத்தின் சீடராக இருக்க முடியாது என அறிவுறுத்தினேன். ஆனால் நித்யானந்தா படிப்படியாக சைவ சித்தாந்தத்திற்கு மாறுவதாகவும், படிப்படியாக தியான பீடத்திலிருந்து வெளியேறுவதாகவும் கூறினார்.
அதன்படி அவர், மடத்தில் எனது கண்காணிப்பில் இருந்தார். இங்கு தங்கியிருந்த சில நாட்களில் பாரம்பரியமான மதுரை ஆதீனத்தின் பெயரை கெடுக்க முயன்றார். ஆதீன தத்துவத்துக்கு எதிராக செயல்பட்டார்.
இயற்கைக்கு மாறான நடவடிக்கைகளில் ஈடுபட்டார். மடத்தில் தங்காதது, ஆதீனத்தின் அனுமதியின்றி வெளியே சென்றது, தலையை மொட்டையடிக்காதது போன்ற காரியங்களை உற்று கவனித்து வந்தேன். அவரது நடவடிக்கைகள் ஆதீனத்திற்கு இணையாகவும், அதைவிட மேலானதாகவும் இருந்தன.
ஆதீனத்திற்கு இணையாக உட்கார்ந்தார். அவர் தன்னை கடவுளாக கூறிக்கொண்டு மடத்தில் பூஜைகள் நடைபெறுவதை வெறுத்தார். தன்னைத்தானே 293-வது ஆதீனமாக அறிவிக்கத் தொடங்கினார். இந்த சூழலில் நித்யானந்தா மீது பல்வேறு பாலியல் வழக்குகள் இருப்பது தெரியவந்தது. நித்யானந்தாவின் ஒழுக்கமற்ற, சட்ட விரோத காரியங்களை பார்த்த பின்னர் கண்காணிப்பிலிருந்து என்னை விலக்கிக்கொண்டேன்.
பின்னர் கடந்த 19-10-2012 அன்று அவரை மடத்திலிருந்து வெளியேற்றினேன். அவர் மடத்தில் தங்கி இருந்த குறைவான நாட்களிலேயே ஆதீனத்தின் பெயரை பயன்படுத்தி பல குற்றச்செயல்களில் ஈடுபட்டார், ஆதீனத்தின் கையெழுத்தை போலியாக போட்டார். அடுத்த மடாதிபதியாக நியமனம் செய்யப்பட்டதாக போலி ஆவணங்களை தயாரித்தார்.
தவறான எண்ணத்துடன் அறக்கட்டளை ஆவணம் ஒன்றையும் உருவாக்கி கையெழுத்து வாங்கினார். நித்யானந்தாவை குருட்டுத் தனமாக நம்பிவிட்டேன். ஆவணங்களில் திருட்டுத்தனமாகவும், சட்டவிரோதமாகவும் மோசடி செய்து நித்யானந்தா என்னிடம் கையெழுத்து வாங்கினார். அந்த ஆவணங்கள் ஆதீனத்தை கட்டுப்படுத்தாது.
அவர் மதுரை ஆதீன மடத்தின் பெருமையை சீரழிக்கும் முயற்சிகளில் ஈடுபட்டுள்ளார். நித்யானந்தா ஒரு மாதம் கூட மடத்தில் தங்கவில்லை. சமய சடங்குகளை செய்யவில்லை. தீட்சையும் பெறவில்லை. தன்னை மதுரை ஆதீன மடத்தின் அடுத்த மடாதிபதியாக அவர் அறிவித்தது செல்லாது. அவர் பலனடையும் விதத்தில் கோர்ட்டு உத்தரவிடக் கூடாது.
அறக்கட்டளை ஒப்பந்தத்தில் நித்யானந்தாவின் ஆட்கள் மிரட்டி கையெழுத்து பெற்றனர். எனவே நித்யானந்தாவை கோர்ட்டு தண்டிக்க வேண்டும். எனது உயிருக்கு நித்யானந்தாவால் ஆபத்து உள்ளது. இது குறித்து போலீசில் புகார் அளித்துள்ளேன். அந்த விசாரணை நிலுவையில் உள்ளது. நித்யானந்தாவும் இளைய ஆதீனமாக இல்லை என அவரது இணையதளத்தில் தெரிவித்துள்ளார்.
எனவே, இந்த வழக்கை விசாரிக்கத் தேவையில்லை. தள்ளுபடி செய்ய வேண்டும்.
இவ்வாறு மதுரை ஆதீனம் குறிப்பிட்டுள்ளார்.
இதையடுத்து மனு மீதான விசாரணையை அடுத்த மாதம் (ஏப்ரல்) 1-ந்தேதிக்கு தள்ளிவைத்து நீதிபதி உத்தரவிட்டுள்ளார்.
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Monday, January 26, 2015
Koppiyam - Sangeetha Death In Nithyananda Ashram - A Shocking Report
Koppiyam - Sangeetha Death In Nithyananda Ashram | A Shocking Report
Koppiyam - Sangeetha Death In Nithyananda Ashram Part 2 | A Shocking Report
Tuesday, January 13, 2015
Self-Styled God Man Nithyananda Appears Before Court
BENGALURU:Controversial godman Nithyananda on Monday appeared before the Ramanagaram District Sessions Court in connection with his potency test.
After CID police submitted a medical report on the test, the court had summoned him to appear before it. Around 10.30 am, the godman and five of his followers appeared before the magistrate. Later, the court adjourned the hearing to January 27. The court also asked his counsel to file objections to the arguments made by the public prosecutor and directed Nithyananda to appear again on Feb 11.
http://www.newindianexpress.com/
சாமியார் நித்யானந்தா ஆண்மை உள்ளவர்: ராம்நகர் நீதிமன்றத்தில் சிஐடி போலீஸார் அறிக்கை தாக்கல்
நித்யானந்தா| கோப்புப் படம்.
சர்ச்சைக்குரிய சாமியார் நித்யானந்தா ஆண்மை உள்ளவர் என கர்நாடக சிஐடி போலீஸார் ராம்நகர் மாவட்ட அமர்வு நீதிமன்றத்தில் நேற்று அறிக்கையை தாக்கல் செய்துள்ளனர்.
கடந்த 2012-ம் ஆண்டு நித் யானந்தா மீது அவரது முன்னாள் சிஷ்யை ஆர்த்தி ராவ் பாலியல் பலாத்கார புகார் தெரிவித்தார். ஆனால் நித்யானந்தா தனக்கு ஆண்மை இல்லை எனக் கூறி குற்றச்சாட்டை மறுத்தார். இது தொடர்பாக வழக்கு பதிவு செய்த கர்நாடக சிஐடி போலீஸார், ராம்நகர் மாவட்ட அமர்வு நீதிமன்றத்தில் வழக்கு தொடுத்தனர்.
இவ்வழக்கில் கடந்த செப் டம்பர் 8-ம் தேதி பெங்களூரு விக்டோரியா மருத்துவமனையில் நித்யானந்தாவுக்கு ஆண்மை பரி சோதனை நடத்தப்பட்டது. இந்நிலையில் நித்யானந்தா மீதான பாலியல் பலாத்கார வழக்கு கர்நாடக மாநிலம் ராம்நகர் மாவட்ட அமர்வு நீதிமன்றத்தில் நீதிபதி மஞ்சுளா முன்னிலையில் நேற்று விசாரணைக்கு வந்தது. நித்யானந்தாவும் சீடர்களும் நீதிமன்றத்துக்கு வந்தனர்.
27-ம் தேதிக்கு ஒத்திவைப்பு
அப்போது கர்நாடக சிஐடி போலீஸார் தரப்பில், நித்யானந் தாவின் ஆண்மை பரிசோதனை அறிக்கை சீல் வைக்கப்பட்ட நிலையில் தாக்கல் செய்யப்பட்டது. அதைப் பெற்றுக்கொண்ட நீதிபதி மஞ்சுளா, “இந்த வழக்கில் அனைத்து விசாரணையும் முடிந்துவிட்டது. குற்றம்சாட்டப்பட்டவர் தரப்பு இறுதி வாதத்தை வரும் 27ம் தேதி தொடங்குங்கள். குற்றம் சாட்டப்பட்டவர் வரும் பிப்ரவரி 11-ம் தேதி நீதிமன்றத்தில் நேரில் ஆஜராக வேண்டும்” என உத்திரவிட்டு, வழக்கை ஒத்தி வைத்தார்.
ஆண்மை பரிசோதனை அறிக்கை குறித்து கர்நாடக சிஐடி போலீஸாரிடம் விசாரித்தபோது, “நித்யானந்தாவுக்கு 37 வயதான ஆணுக்கு இயல்பாக இருக்கக்கூடிய அனைத்து உடல் வளர்ச்சியும் இருக்கிறது. அவரால் உடல் ரீதியான பாலுறவில் ஈடுபட முடியும். அதனால் அவருக்கு ஆண்மை உள்ளவர் என மருத்துவர் குழு சான்று அளித் துள்ளது” என்றனர்.
http://tamil.thehindu.com/
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